संकट मोचन हनुमान स्तोत्र
यह पाठ छोटा, सरल और अत्यंत प्रभावशाली है — रोज़ सुबह या संकट के समय पढ़ने से हनुमान जी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।
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🌺 संकट मोचन हनुमान स्तोत्र
श्री हनुमान स्तोत्रम् (तुलसीदास कृत)
जय हनुमंत संत हितकारी।
सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥
जन के काज विलंब न कीजै।
आतुर दौरि सुनो अवनीजै॥
जैसे कूदि सिंधु लंघि जायो।
लै प्रभु संदेश जनक सुत आयो॥
सुरसा बदन पैठि तुम्हि सो जायी।
सिय सुधि लई प्रभु मोहि सुनायी॥
असुर निकंदन नाम तुम्हारो।
महिमा जासु सकल जग सारो॥
जासु नाम लेत भय भागे।
महाप्रभु ताको संकट टागे॥
संकट ते हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥
सब पर राम तपस्वी राजा।
तिनके काज सकल तुम साजा॥
और मनोरथ जो कोई भावै।
सोई अमित जीवन फल पावै॥
चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा॥
साधु संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन नाम तुम्हारे॥
जय जय जय हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरु देव की नाईं॥
जो शत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई॥
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🕉 दोहा
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥
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🌿 पाठ का लाभ:
भय, रोग, मानसिक तनाव या कठिनाइयों से मुक्ति
कार्य में सफलता और आत्मविश्वास में वृद्धि
हनुमान जी की कृपा व मानसिक शांति प्राप्त होती है
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