करवा चौथ पूजा विधि
करवा चौथ की पूजा हिंदू महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए की जाती है। नीचे करवा चौथ की पूजा विधि (पूजन विधि) हिंदी में सरल तरीके से दी गई है 👇
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🌙 करवा चौथ पूजा विधि (Karwa Chauth Puja Vidhi in Hindi)
1. सुबह की तैयारी:
महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं (सास द्वारा दी जाती है)।
सरगी में फल, मिठाई, नारियल, सेवईं और पानी लिया जाता है।
इसके बाद निर्जला व्रत (बिना पानी) रखती हैं जब तक चांद न निकले।
2. पूजा की तैयारी:
शाम के समय महिलाएं स्नान कर सज-धज कर सोलह श्रृंगार करती हैं।
पूजा थाल में दीपक, करवा (पानी का घड़ा), चावल, रोली, कुमकुम, अक्षत, मिठाई, और छलनी रखी जाती है।
मिट्टी या लकड़ी की चौकी पर गौरी-गणेश, करवा, और चंद्रमा की प्रतीक मूर्तियाँ स्थापित की जाती हैं।
3. करवा चौथ कथा सुनना:
सभी महिलाएं एक साथ बैठकर करवा चौथ व्रत कथा सुनती हैं।
कथा के बाद पूजा की थाली एक-दूसरे के बीच सात बार घुमाई जाती है।
4. चंद्र दर्शन और अर्घ्य:
जब चांद निकलता है, महिलाएं छलनी से चंद्रमा को देखती हैं।
फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखकर अर्घ्य (पानी अर्पण) करती हैं।
पति पत्नी को पानी पिलाकर व्रत तुड़वाते हैं।
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यह पूजा न केवल दांपत्य प्रेम का प्रतीक है, बल्कि यह विश्वास और आस्था की परंपरा को भी मजबूत करती है।
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